नई दिल्ली 2026-02-20
भारत और अमरीका ने आज नई दिल्ली में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में पैक्स सिलिका घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते पर दोनों देशों के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। यह घोषणा पत्र महत्वपूर्ण खनिजों और सेमीकंडक्टर के उत्पादन तथा तेजी से विकसित हो रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करेगा। इससे सुरक्षित और मजबूत वैश्विक सिलिकॉन और प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण हो सकेगा।
इस अवसर पर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत का लक्ष्य सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों में अग्रणी भूमिका निभाना है। श्री वैष्णव ने कहा कि भारत के प्रतिभाशाली इंजीनियर सबसे जटिल और उन्नत दो नैनोमीटर चिप्स डिजाइन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर उद्योग को 10 लाख से अधिक प्रतिभाशाली लोगों की आवश्यकता है और यह जरूरत देश के भीतर ही पूरी हो जाएगी। उन्होंने बताया कि 315 विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्र चिप डिजाइन कर रहे हैं।
इस अवसर पर भारत में अमरीका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि व्यापार समझौते से लेकर पैक्स सिलिका और रक्षा सहयोग तक, दोनों देशों के बीच सहयोग के अवसर बढे़ हैं।
श्री गोर ने कहा कि ‘पैक्स सिलिका’ का उद्देश्य बाध्यकारी निर्भरताओं को विश्वसनीय औद्योगिक साझेदारियों से बदलना है। यह समझौता मुक्त बाजारों को सशक्त बनाता हैं। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी वैश्विक स्तर पर विश्वसनीय एआई को आगे बढ़ाने का प्रयास करती है। अमरीका के राजदूत ने कहा कि शांति से ही शक्ति प्राप्त होती है।
अमरीका के विदेश मंत्री जैकब हेलबर्ग ने पैक्स सिलिका घोषणापत्र पर हस्ताक्षर समारोह के अवसर पर कहा कि यह समझौता नवाचार और साझेदारी के माध्यम से भविष्य के निर्माण की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उभरती प्रौद्योगिकियों में भारत-अमरीका के बढ़ते सहयोग पर श्री हेलबर्ग ने कहा कि दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के प्रति नवाचारी दृष्टिकोण की पुष्टि कर रहे हैं। पैक्स सिलिका घोषणापत्र पर बल देते हुए श्री हेलबर्ग ने कहा कि यह दस्तावेज़ केवल एक समझौता नहीं, बल्कि साझा भविष्य का रोडमैप है।
भारत का पैक्स सिलिका गठबंधन में शामिल होना भारत-अमरीका के बीच रणनीतिक प्रौद्योगिकी और आपूर्ति श्रृंखला सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।