
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित घने वनों के बीच बसे मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के 17 वनग्रामों में पहली बार बिजली पहुंची है।

यह कहानी ममता मंडल की है, जिन्होंने कठिनाइयों का सामना करते हुए आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया और बिहान कार्यक्रम से जुड़कर अपने परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए।

महासमुंद ब्लॉक के ग्राम बरोंडाबाजार में 11 जनवरी 2024 को श्री कार्तिक ध्रुव के घर नन्ही सी प्यारी बच्ची सिद्धि का जन्म हुआ। उनके आगमन से पूरे परिवार में अपार हर्ष और उल्लास का वातावरण छा गया। लेकिन जन्म के तुरंत बाद ही परिजनों ने सिद्धि के सिर पर असामान्य सूजन देखी, जिससे सभी चिंतित हो गए।

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के अंतर्गत तहसील डभरा के निवासी 50 वर्षीय श्रीमती आशा पटेल, पति स्वर्गीय श्री सुरेश चन्द्र पटेल जो एक गृहणी हैं और अपने बच्चों के साथ रहती हैं। उनका जीवन कठिनाइयों से भरा रहा है। कुछ समय पहले, श्रीमती आशा पटेल को कैंसर से संबंधित बीमारी हो गई। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह इलाज करवाने में असमर्थ थी। यह समस्या उनके लिए जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष जैसी थी।

कृषि प्रधान छत्तीसगढ़ में कृषि कार्य अब लाभकारी हो चुका है, राज्य सरकार ने विगत वर्ष में कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता देकर विभिन्न योजनाओं को संचालित किया है और इसका सीधा प्रभाव आज यथार्थ के धरातल पर परिलक्षित है। परंपरागत खेती में कई बदलावों के साथ अब राज्य के लोग आधुनिक एवं उन्नत तकनीक के साथ व्यावसायिक तौर पर खेती कर रहे हैं। इसका सीधा लाभ कृषकों को हो रहा है।

कोण्डागांव जिले के माकड़ी ब्लॉक के ग्राम कालीबेड़ा की रहने वाली दिव्यांग जानकी नाग आज छत्तीसगढ़ की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं। जानकी बचपन से ही दिव्यांग हैं पर अपनी शारीरिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने जीवन में संघर्ष करते हुए आज समाज में एक सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बनाई हैं।

महासमुंद ज़िले के लखनपुर, झलप निवासी श्री बुधराम साहू, जो 70 प्रतिशत अस्थि बाधित हैं। उन्होंने अपनी दिव्यांगता को कभी अपने सपनों की राह में रोड़ा नहीं बनने दिया। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण से न केवल अपने परिवार का भरण-पोषण किया बल्कि एक सफल व्यवसायी के रूप में भी अपनी पहचान बनाई।

मोतियाबिंद के ऑपरेशन से दृष्टि वापस पाना वाकई में एक नया जीवन मिलने जैसा है। मोतियाबिंद, जिसे कैटरेक्ट भी कहा जाता है, एक ऐसी स्थिति है जिसमें आंख का प्राकृतिक लेंस धुंधला हो जाता है, जिससे दृष्टि धुंधली हो जाती है। सर्जरी के दौरान, धुंधले लेंस को निकालकर उसकी जगह एक कृत्रिम लेंस लगाया जाता है। यह प्रक्रिया आमतौर पर सुरक्षित और प्रभावी होती है, जिससे मरीज की दृष्टि में काफी सुधार होता है।

प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में बालोद जिले के दल्लीराजहरा निवासी श्री रामविलास पाठक को नया जीवन मिला है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में राज्य के सभी अंचलों में निवासरत् लोगों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने राज्य के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

महल हो या झोपड़ी अपना घर अपना होता है। हर व्यक्ति का एक सपना होता है कि छांव के लिए एक खुद का घर हो। इसी सपने को सरकार द्वारा साकार किया जा रहा है। समाज के आर्थिक रूप से कमजोर के तबके के भलाई के लिए सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना संचालित की जा रही है।