13 जनवरी 2000 से प्रकाशित
प्रातः कालीन समाचार पत्र, कोरबा

कबीरधाम जिले की ग्राम सैगोना निवासी कमला बाई, जिनका जीवन संघर्षों से भरा रहा है, आज प्रधानमंत्री आवास योजना की मदद से अपने सपनों का घर पा चुकी हैं। कमला बाई के लिए पक्का मकान सिर्फ चार दीवारों का ढांचा नहीं है, बल्कि यह उनके और उनके परिवार के लिए सुरक्षा, स्थिरता और आत्मसम्मान का प्रतीक बन गया है। कमला बाई बताती है कि उनके पति का 17 साल पहले निधन हो गया था, जिससे परिवार की जिम्मेदारियों का बोझ पूरी तरह से कमला बाई के कंधों पर आ गया। उनकी एक 26 वर्षीय बेटा और 22 वर्षीय बेटी है। खेत न होने की वजह से वह मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही थीं। इन सभी के बीच पक्का मकान का सपना कोसों दूर था। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना से सपना अब हकीकत बन चुका है।

      कमला बाई का बेटा दुकान में काम करता है, जबकि उनकी बेटी कॉलेज की पढ़ाई कर रही है और डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन कर रही है। परिवार की आर्थिक स्थिति कठिनाइयों से भरी थी, लेकिन कमला बाई ने कभी हार नहीं मानी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें घर मिलने की उम्मीद जगी। इस योजना के अंतर्गत, उन्हें एक पक्का घर मिला, जो उनकी और उनके बच्चों की जिंदगी में स्थायित्व और सुरक्षा लेकर आया। अब उनके पास एक स्थायी घर है, जहां वे आराम और सुकून के साथ रह सकते हैं। कमला बाई की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने न केवल उन्हें एक घर दिया, बल्कि एक बेहतर जीवन का रास्ता भी खोला।

      कमला बाई ने पक्का मकान मिलने के बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और विष्णुदेव साय की सरकार का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे सरकारी प्रयासों ने उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव लाया है। एक समय था जब वह खुद को असुरक्षित और अस्थिर महसूस करती थीं, लेकिन इस योजना के तहत मिले पक्के घर ने उन्हें और उनके परिवार को स्थायित्व और सुरक्षा प्रदान की है। कमला बाई ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की, जिन्होंने गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए ऐसे कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की। उन्होंने विष्णुदेव साय की सरकार को भी धन्यवाद दिया, जिनके प्रयासों से यह योजना जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक लागू हो सकी, जिससे हजारों परिवारों को लाभ हुआ है। कमला बाई ने कहा कि यह घर उनके लिए सिर्फ एक भवन नहीं, बल्कि उनके सपनों का साकार रूप है, और इसके लिए वह प्रधानमंत्री और सरकार की हमेशा आभारी रहेंगी।