नई दिल्ली 2026-05-12
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने 2025-26 में 1.98 लाख करोड़ रुपये का अब तक का सबसे अधिक शुद्ध लाभ दर्ज किया है। यह लगातार चौथा वर्ष है जब बैंक मुनाफे में रहे। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने कहा कि यह प्रदर्शन तेजी से बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था की ऋण आवश्यकताओं को पूरा करने में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की मजबूती और स्थिरता को दर्शाता है।
इन बैंकों का कुल कारोबार इस वर्ष मार्च तक बढ़कर 283 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। यह पिछले वर्ष की तुलना में 12 दशमलव आठ प्रतिशत अधिक है। कुल जमा राशि में भी लगभग साढ़े दस प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो जमाकर्ताओं के निरंतर विश्वास को दर्शाती है।
मंत्रालय ने कहा कि 2025-26 के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की परिसंपत्ति गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। सकल निष्पादित परिसंपत्ति- एन.पी.ए अनुपात घटकर एक दशमलव नौ-तीन प्रतिशत हो गया है। बट्टे खाते में डाले गए खातों से वसूली सहित कुल वसूली 86 हजार 971 करोड़ रुपये रही। मंत्रालय ने कहा कि पर्याप्त पूंजी और मुनाफे से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की स्थिति मजबूत है।