नई दिल्ली 2026-02-10
नीति आयोग ने आज नई दिल्ली में विकसित भारत और नेट ज़ीरो की दिशा में चार अध्ययन रिपोर्ट जारी कीं। इनमें बिजली, परिवहन, उद्योग और महत्वपूर्ण खनिजों की मांग और आपूर्ति के आकलन पर केंद्रित क्षेत्रीय अंतर्दृष्टि शामिल हैं।
इस अवसर पर नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.वी.आर. सुब्रमण्यम ने भारत के नेट ज़ीरो लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक समन्वित और दीर्घकालिक रणनीति की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास और पर्यावरणीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण और क्षेत्र-विशिष्ट योजना आवश्यक हैं। श्री सुब्रमण्यम ने कहा कि 2070 में भी उद्योग की लगभग एक-चौथाई खपत जीवाश्म ईंधन से ही पूरी होगी, और इसे कार्बन कैप्चर और अन्य प्रौद्योगिकियों के माध्यम से नियंत्रित किया जाएगा।
इस अवसर पर विद्युत मंत्रालय के सचिव पंकज अग्रवाल ने कहा कि भारत के ऊर्जा परिवर्तन में विद्युत क्षेत्र की केंद्रीय भूमिका होगी। उन्होंने ग्रिड सुदृढ़ीकरण और एकीकृत योजना के माध्यम से विश्वसनीय, किफायती और स्वच्छ बिजली की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन और विकास एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए घरेलू आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और अंतर-मंत्रालयी समन्वय बढ़ाने की बात कही।