13 जनवरी 2000 से प्रकाशित
प्रातः कालीन समाचार पत्र, कोरबा

ममता बनर्जी की सरकार के जारी सभी ओबीसी-ए और ओबीसी-बी प्रमाणपत्र रद्द

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने प्रमाणपत्र किए रद्द

नई दिल्ली 2026-08-13

कलकत्‍ता उच्‍च न्‍यायालय ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सरकार द्वारा संशोधित विनियमों के तहत जारी सभी अन्‍य पिछड़ा वर्ग या ओबीसी-ए और ओबीसी- बी प्रमाण पत्र रद्द कर दिए हैं।

न्‍यायमूर्ति राजशेखर मांथा और न्‍यायमूर्ति अनुज सिंह की खण्‍ड पीठ ने कहा कि ओबीसी-ए और ओबीसी बी वर्गीकरण अब राज्‍य में लागू नहीं रहेगा। न्‍यायालय ने व्‍यवस्‍था दी कि पूर्व प्रणाली के तहत जारी प्रमाण पत्रों की वैधता समाप्‍त हो गयी है। ऐसे प्रमाण पत्र वाले व्‍यक्तियों को अब सामान्‍य श्रेणी में माना जाएगा।
 
ओबीसी वर्गीकरण का यह विवाद वर्ष-2010 के बाद की अवधि से जुड़ा है जब तत्‍कालीन तृणमूल कांग्रेस सरकार ने अन्‍य पिछड़ा वर्ग समुदायों को दो श्रेण‍ियों-ओबीसी-ए और ओबीसी-बी में वर्गीकृत कर दिया था। इसके बाद ओबीसी प्रमाण पत्र जारी करने में अनिमितता और भ्रष्‍टाचार के आरोप लगे थे और इसे कानूनी चुनौती दी गयी थी। 
 
वर्ष-2024 में कलकत्‍ता उच्‍च न्‍यायालय ने 66 समुदायों को ओबीसी सूची में रखा जाना रद्द कर दिया था और उन्‍हें जारी प्रमाण पत्र निरस्‍त कर दिए थे। न्‍यायालय ने राज्‍य सरकार को फिर से सर्वेक्षण कराने और नई ओबीसी सूची तैयार करने का निर्देश दिया था। 
 
तत्‍कालीन राज्‍य सरकार ने इस आदेश को सर्वोच्‍च न्‍यायालय में चुनौती दी थी, लेकिन शीर्ष अदालत ने उच्‍च न्‍यायालय के फैसले को बरकरार रखा।