13 जनवरी 2000 से प्रकाशित
प्रातः कालीन समाचार पत्र, कोरबा

भारत व ब्राजील ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 30 अरब डॉलर करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया

नई दिल्ली 2026-02-22

भारत और ब्राजील ने 2030 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर के पूर्व लक्ष्य से बढ़ाकर 30 अरब डॉलर करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।

विदेश मंत्रालय में सचिव पी. कुमारन ने बताया कि यह निर्णय ब्राजील के राष्ट्रपति लुईज इनासियो लूला दा सिल्वा की भारत यात्रा के दौरान लिया गया।

श्री कुमारन ने संवाददाता सम्‍मेलन में कहा कि ब्राजील के राष्‍ट्रपति डा सिल्वा का मानना ​​था कि पूर्व लक्ष्य पर्याप्त नहीं था, इसलिए उन्होंने एक बड़े लक्ष्य का प्रस्ताव रखा।

प्रवक्‍ता ने बताया कि दोनों देश तेल, गैस और नवीकरणीय ऊर्जा, ब्राजील के उपग्रहों के प्रक्षेपण और संयुक्त रूप से उपग्रहों के निर्माण, जैव ईंधन और सतत विमानन ईंधन, कृषि, पशुधन तथा स्वास्थ्य सेवा के साथ-साथ योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के इच्छुक हैं।

इस कदम से भारत-ब्राजील संबंधों को मजबूती मिलने और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

भारत और ब्राजील ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम-एमएसएमई के क्षेत्र में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता ज्ञापन कल नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुई इनासियो लूला दा सिल्वा की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

एमएसएमई मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि यह समझौता ज्ञापन दोनों पक्षों के उद्यमों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने और दोनों देशों में पारस्परिक लाभ के लिए सहयोग से जुड़े क्षेत्रों का पता लगाने के लिए मंच प्रदान करेगा।

यह ज्ञापन दोनों देशों के उद्यमों को एक-दूसरे की ताकत, बाजार, प्रौद्योगिकी और नीतियों को समझने के लिए एक ढांचा तथा अनुकूल वातावरण भी प्रदान करेगा।

इसका उद्देश्य उद्यमों को हरित वित्त तक पहुंच प्रदान करके हरित परिवर्तन को आगे बढ़ाने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाना है, ताकि वैश्विक बाजारों और मूल्य श्रृंखलाओं में उनका एकीकरण, उत्पादकता में सुधार, प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि तथा सतत विकास के लिए उनकी क्षमता को मजबूत करना संभव हो सके।

भारत और ब्राजील ने औषधि और चिकित्सा उत्पाद नियमन के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक वक्तव्य में बताया कि नियामक प्रक्रियाओं में एकरूपता को बढ़ावा देने, नियामक प्रणालियों की आपसी तालमेल में वृद्धि और चिकित्सा उत्पादों की प्रभावी तथा समन्वित निगरानी को सुगम बनाने के लिए भारत के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन और ब्राजील की स्वास्थ्य नियामक एजेंसी के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया।

वक्तव्य में कहा गया है कि ब्राजील में भारतीय राजदूत दिनेश भाटिया और ब्राजील की स्वास्थ्य नियामक एजेंसी के निदेशक सह अध्यक्ष लिएंड्रो सफाटले ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुई इनासियो लूला दा सिल्वा की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया।

मंत्रालय ने कहा कि समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान दोनों देशों की आबादी के लिए सुरक्षित, प्रभावी और गुणवत्ता-सुनिश्चित दवाओं तथा चिकित्सा उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।