नई दिल्ली 2026-05-21
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी पांच देशों की आधिकारिक यात्रा के अंतिम चरण में इटली दौरा पूरा कर नई दिल्ली लौट आए हैं। भारत और इटली ने कल अपने संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी में उन्नत करने की घोषणा की।
दोनों देशों ने कृषि, अहम खनिजों, आयुर्वेद, विज्ञान तथा टेक्नोलॉजी, समुद्री परिवहन और बंदरगाहों के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने के लिए कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। भारतीय नर्सों के इटली आने-जाने को आसान बनाने के लिए भी एक समझौता किया गया, जिससे कुशल स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए नए अवसर खुलेंगे। भारत और इटली ने टैक्स से जुड़े अपराधों, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के लिए पैसे जुटाने के खिलाफ तालमेल को मज़बूत करने पर भी सहमति व्यक्त की है।
प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के बाद, संयुक्त प्रेस बयान में कहा कि ‘भारत-इटली संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029’ दोनों देशों के बीच सहयोग के लिए एक व्यावहारिक और भविष्योन्मुखी रोडमैप देगी। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष ‘भारत-इटली इनोवेशन सेंटर’ बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। श्री मोदी ने यह भी बताया कि ‘भारत-इटली रक्षा औद्योगिक रोडमैप’ ने रक्षा क्षेत्र में मिलकर विकास करने और मिलकर उत्पादन करने के नए रास्ते खोल दिए हैं।
श्री मोदी ने कहा कि भारत और इटली, समुद्री ताकतों के तौर पर शिपिंग, बंदरगाहों के आधुनिकीकरण, लॉजिस्टिक्स और ब्लू इकोनॉमी के क्षेत्र में सहयोग का विस्तार करेंगे। वैश्विक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देश यूक्रेन, पश्चिम एशिया और अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर लगातार एक-दूसरे के संपर्क में हैं। श्री मोदी ने इस बात को दोहराया कि बातचीत और कूटनीति ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा कि ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ भारत और इटली के रिश्तों की बढ़ती गहराई को दिखाती है, जो आपसी भरोसे और साझा मूल्यों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि दोनो देश उन्नत विनिर्माण, बुनियादी ढ़ाचा, उर्जा, अंतरिक्ष अर्थव्यस्था और रक्षा क्षेत्र में तेज़ी से काम कर रहे है। मेलोनी ने कहा कि महत्वपूर्ण खनिज, कृषि उद्योग, समुद्री परिवहन, पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में आपार संभावनाएं मौजूद हैं।श्री मोदी संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड्स, स्वीडन, नार्वें और इटली की यात्रा पर थे।