नई दिल्ली 2026-08-22
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि सुधार उनकी सरकार के लिए मजबूरी नहीं, बल्कि प्रतिबद्धता हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां लोगों के हित और देश के विकास को ध्यान में रखकर बनाई जा रही हैं। नई दिल्ली में इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार केवल नियम नहीं बदल रही, बल्कि नियम बनाने की सोच भी बदल रही है। उन्होंने कहा कि भारत अब उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) के जरिए उद्योग और रोजगार के नए अवसर सृजित कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर संसाधनों को लेकर बढ़ता तनाव और देशों के बीच अविश्वास नई चुनौतियां पैदा कर रहे हैं। इसके बावजूद भारत को दुनिया में विकास और उम्मीद की एक बड़ी किरण के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा।
प्रधानमंत्री ने भारत की जी-20 अध्यक्षता के मंत्र “एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य” का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया के सभी देशों का भविष्य एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है।
लाल किले से अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के विकास के लिए सात प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इनमें विनिर्माण, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, तकनीक और नवाचार, हरित अर्थव्यवस्था और नीली अर्थव्यवस्था शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने डिजिटल क्षेत्र में भारत की प्रगति और तेज 5जी विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 50 लाख से अधिक परिवार प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि पीएम-कुसुम योजना से किसानों को बिजली की लागत कम करने में मदद मिली है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं, महिलाओं, किसानों और मध्यम वर्ग के लिए जीवन आसान बनाने और कारोबार को सुगम बनाने पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत की प्रगति से वैश्विक स्थिरता भी मजबूत होगी।