नई दिल्ली 2026-08-10
झारखण्ड सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच झारखण्ड लोक सेवा आयोग- जेपीएससी और झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग- जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों की अधिकतर मांगों पर सहमति बन गई है। राज्य के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा है कि सरकार ने 14वीं जेपीएससी प्रारम्भिक परीक्षा और वर्ष 2023-25 की पिछली परीक्षाएं रद्द करने पर सहमति जताई है। राज्य सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच आज हुई बातचीत के बाद वे संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच प्रवर्तन निदेशालय- ईडी और आपराधिक पक्ष की जांच अपराध जांच विभाग- सीआईडी से कराने तथा नब्बे दिन के भीतर आरोप पत्र दाखिल करने के लिए फास्ट ट्रैक न्यायालय स्थापित करने पर भी सहमति व्यक्त की है।
परीक्षा प्रणाली में सुधार करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाएगा। इसमें धनबाद के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रांची के भारतीय प्रबंधन संस्थान और एक्सएलआरआई के प्रतिनिधि शामिल होंगे। हालांकि, जेएसएससी- सीजीएल परीक्षा रद्द करने और इसकी जांच केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो- सीबीआई से कराने की छात्रों की मांग पर सहमति नहीं बनी है। छात्रों ने कहा है कि उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
इस बीच, झारखण्ड लोक सेवा आयोग के तीन वर्तमान सदस्यों डॉ० अजिता भट्टाचार्य, डॉ० जमील अहमद और डॉ० अनिमा हंसदा ने अपने पद से त्याग पत्र दे दिया है। इन्हें सीआईडी ने कल पूछताछ के लिए बुलाया है। झारखण्ड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने इनके इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं।