13 जनवरी 2000 से प्रकाशित
प्रातः कालीन समाचार पत्र, कोरबा

इन्फ्लूएंजा ए के बढ़ते मामलों के मद्देनजर IMA ने लोगों से सतर्क रहने को कहा

नई दिल्ली 2026-08-26

भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने इन्फ्लूएंजा ए (एच1एन1) के बढ़ते मामलों के मद्देनजर लोगों से सतर्क रहने का आग्रह किया है। आईएमए का कहना है कि अधिकतर संक्रमण हल्के होते हैं और अपने आप ठीक हो जाते हैं, इसलिए घबराने की कोई बात नहीं है। आईएमए ने लोगों को फ्लू के लक्षणों के लिए डॉक्टर की पर्ची के बिना एंटीबायोटिक्स न लेने की सलाह दी है, क्योंकि एच1एन1 एक वायरल संक्रमण है और एंटीबायोटिक्स वायरस को नहीं मारते।

आईएमए ने विशेष रूप से एज़िथ्रोमाइसिन, एमोक्सिसिलिन-क्लैवुलनेट और सेफिक्साइम जैसी एंटीबायोटिक्स खुद नहीं लेने की चेतावनी दी है। आईएमए के अनुसार एंटीबायोटिक्स केवल किसी योग्य चिकित्सक द्वारा निर्धारित किए जाने पर ही लेनी चाहिए।
 
आईएमए ने बताया कि एच1एन1 में आमतौर पर अचानक तेज बुखार और ठंड लगना, लगातार सूखी खांसी, गले में खराश, मांसपेशियों में तेज दर्द और थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। अन्य लक्षणों में सिरदर्द, नाक बहना या बंद होना, मतली, उल्टी और दस्त शामिल हो सकते हैं।
 
आईएमए ने संक्रमण के प्रसार को कम करने के लिए बुनियादी निवारक उपायों की सिफारिश की है। इनमें कम से कम 20 सेकंड तक साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोना या अल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटाइजर का उपयोग करना शामिल है।
 
लोगों को खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को टिश्यू या कोहनी से ढककर  स्वच्छता का पालन करने की भी सलाह दी गई है। भीड़भाड़ वाले और बंद स्थानों में अच्छी तरह से फिट होने वाला मास्क पहनने की भी सिफारिश की गई है।