नई दिल्ली 2026-05-21
भारत और इटली 2027 को “संस्कृति और पर्यटन वर्ष” के रूप में मनाएंगे। इसका उद्देश्य सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जा सके और दोनों प्राचीन सभ्यताओं के बीच संवाद को मजबूत करना हैं। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा कि इस पहल से दोनों देशों के बीच आपसी समझ को गहरा करने और सांस्कृतिक कूटनीति को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि देशों के रिश्ते केवल राजनीतिक और अर्थव्यवस्था से नहीं बल्कि लोगों और समाजों आपसी जुड़ाव से भी मज़बूत होते हैं।
सुश्री मेलोनी कल रोम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता यह बात कही। उन्होंने कहा कि भारत और इटली भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे -आई.एम.ई.सी. को और विकसित करने की दिशा में भी मिलकर काम करेंगे। सुश्री मेलोनी ने आई.एम.ई.सी को यूरोप, मध्य पूर्व और भारत को जोड़ने वाला एक प्रमुख कनेक्टिविटी और आर्थिक गलियारा बताया, जिसमें व्यापार, निवेश और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती बढ़ाने की क्षमता है।
उन्होंने कहा कि जी-20 नई दिल्ली शिखर सम्मेलन के दौरान अनावरण किया गया यह गलियारा व्यवसायों के लिए बड़े अवसर पैदा कर सकता है और भारत और यूरोप के बीच आर्थिक संबंधों को गहरा कर सकता है। इटली की प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इटली अंतरराष्ट्रीय स्थिरता, आर्थिक सुरक्षा, सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखला, शांति और समावेशी विकास सहित प्रमुख वैश्विक चुनौतियों पर समान विचार रखते हैं।