18.80 किलोमीटर लंबी सड़कों के लिए 5 करोड़ 72 लाख 19 हजार रुपये मंजूर
कोरबा 2026-10-07
ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को बेहतर बनाने और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत तीन ग्रामीण सड़कों के सुदृढ़ीकरण कार्यों के लिए प्रशासकीय स्वीकृति जारी की है। पांच वर्ष की अवधि पूरी कर चुकी और जर्जर हो चुकी इन सड़कों की कुल लंबाई 18.80 किलोमीटर है। इनके सुदृढ़ीकरण के लिए कुल 5 करोड़ 72 लाख 19 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
स्वीकृत कार्यों में करतला विकासखंड की केराकछार से मौहार सड़क, लंबाई 3.24 किलोमीटर, के लिए 1 करोड़ 2 लाख 76 हजार रुपये तथा पिड़िया से बड़मार सड़क, लंबाई 7.36 किलोमीटर, के लिए 2 करोड़ 22 लाख 81 हजार रुपये शामिल हैं। पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड की गिद्धमुड़ी से कोटखर्री सड़क, लंबाई 8.20 किलोमीटर, के सुदृढ़ीकरण के लिए 2 करोड़ 46 लाख 62 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
पीएमजीएसवाई के कार्यपालन अभियंता श्री सी एस तवंर ने कहा है कि सड़कें ग्रामीण जीवन की बुनियादी जरूरतों और गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनके सुदृढ़ होने से ग्रामीणों को बाजार, विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा होगी। विद्यार्थियों के लिए स्कूल और महाविद्यालय तक नियमित आवागमन आसान होगा। वहीं, किसानों और श्रमिकों को अपने कामकाज तथा उपज को बाजार तक ले जाने में सहूलियत मिलेगी। ग्रामीणों को वर्षभर बेहतर सड़क संपर्क मिलने से दैनिक आवागमन भी अधिक सुविधाजनक होगा।
इनमें से कुछ क्षेत्र हाथियों की आवाजाही से प्रभावित रहते हैं। ऐसे क्षेत्रों में सड़क संपर्क का बेहतर होना ग्रामीणों के लिए विशेष महत्व रखता है। आपात स्थिति में स्वास्थ्य सेवा तक पहुंचने, आवश्यक सहायता प्राप्त करने और संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं मैदानी अमले के आवागमन में बेहतर सड़कें सहायक होंगी। सड़क सुदृढ़ीकरण से ग्रामीणों को सुविधाजनक संपर्क मिलेगा; साथ ही हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए स्थानीय लोगों की सुरक्षा और सतर्कता भी महत्वपूर्ण बनी रहेगी।
निर्धारित मापदंडों के अनुसार पुरानी एवं क्षतिग्रस्त ग्रामीण सड़कों का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। यह पहल ग्रामीण अधोसंरचना को मजबूत करने और गांव-गांव तक बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे ग्रामीणों, विद्यार्थियों, किसानों और क्षेत्र के अन्य निवासियों को दीर्घकालीन लाभ मिलेगा।