13 जनवरी 2000 से प्रकाशित
प्रातः कालीन समाचार पत्र, कोरबा

महतारी वंदन योजना से मीना बाई को मिला आर्थिक संबल, बच्चों की पढ़ाई के साथ भविष्य की भी कर रहीं तैयारी

हर माह मिल रहे एक हजार रुपये से बच्चों की पढ़ाई और पालन-पोषण को मिल रहा सहयोग : मीना बाई

कोरबा 2026-10-02

घर की रोजमर्रा की जरूरतों के साथ बच्चों की पढ़ाई और उनके बेहतर भविष्य की चिंता हर मां के मन में रहती है। नियमित आर्थिक सहयोग मिलने से यह जिम्मेदारी कुछ आसान हो जाए, तो छोटी-छोटी बचत भी भविष्य की मजबूत तैयारी बन जाती है। कोरबा विकासखंड के ग्राम बरबसपुर निवासी श्रीमती मीना बाई के लिए महतारी वंदन योजना से मिलने वाली हर माह एक हजार रुपये की सहायता परिवार की जरूरतों को संभालने और बच्चों के भविष्य के लिए बचत करने का आधार बनी है।

मीना बाई बताती हैं कि पहले घर के खर्चों के बीच बच्चों की पढ़ाई और पालन-पोषण के लिए राशि का प्रबंध करना कई बार कठिन हो जाता था। रोजमर्रा की आवश्यकताओं के साथ बच्चों की शिक्षा से जुड़े खर्च भी लगातार बने रहते थे। ऐसे में नियमित रूप से मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके परिवार के लिए उपयोगी सहारा बनी।

महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने उनके खाते में एक हजार रुपये की राशि प्राप्त होती है। मीना बाई इस राशि का उपयोग सोच-समझकर करती हैं। प्राप्त राशि का एक हिस्सा बच्चों के पालन-पोषण, पढ़ाई और उनकी आवश्यकताओं पर खर्च करती हैं। शेष राशि को बचाकर अपनी बेटी के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में जमा कर रही हैं। इससे वर्तमान जरूरतों के साथ आने वाले समय के लिए भी आर्थिक तैयारी हो रही है।

अपने अनुभव के बारे में मीना बाई कहती हैं, “महतारी वंदन योजना से हर महीने एक हजार रुपये मेरे खाते में आते हैं। इस राशि से बच्चों की पढ़ाई और पालन-पोषण से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है। जो राशि बच जाती है, उसे मैं सुकन्या समृद्धि योजना में जमा करती हूं, ताकि बेटी के भविष्य के लिए कुछ राशि सुरक्षित रहे। पहले घर के खर्चों के बीच अलग से बचत करना आसान नहीं था। अब हर महीने मिलने वाली राशि से बच्चों की जरूरतें पूरी करने के साथ थोड़ी बचत भी कर पा रही हूं। इससे बच्चों के भविष्य को लेकर मेरा भरोसा बढ़ा है। महिलाओं को आर्थिक सहारा देने वाली इस योजना के लिए मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी को धन्यवाद देती हूं।”