लगभग 162 किलोमीटर की 55 सड़कें के निर्माण के लिए 61 टन अपशिष्ट प्लास्टिक की आवश्यकता
कोरबा 2026-09-29
घरों से एकत्र होने वाला प्लास्टिक कचरा अब कोरबा के दूरस्थ गांवों की सड़कों के निर्माण में काम आ सकेगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण में जिले के लिए लगभग 162 किलोमीटर लंबी 55 सड़कें स्वीकृत हुई हैं। इनके निर्माण में डामर के साथ उपयुक्त अपशिष्ट प्लास्टिक का उपयोग प्रस्तावित है। इसके लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग ने 61 टन प्लास्टिक सामग्री की मांग की है।
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने बताया कि स्वीकृत सड़कें कोरबा, करतला, पोड़ी-उपरोड़ा और पाली विकासखंड के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में बनेंगी। निर्माण प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है और वर्तमान में मिट्टी संबंधी कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पक्की सड़कें बनने से ग्रामीणों का आवागमन सुगम होगा तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं तक उनकी पहुंच बेहतर होगी।
कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि प्लास्टिक कचरे का उचित उपयोग ग्रामीण विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी अवसर है। नगर निगम क्षेत्र में घर-घर कचरा संग्रहण से जुड़ी महिलाओं का परिश्रम इस पहल की महत्वपूर्ण कड़ी बन सकता है। उन्होंने संबंधित विभागों को सड़क निर्माण के लिए निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप प्लास्टिक की छंटाई, तैयारी और आपूर्ति में समन्वय रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रयास ऐसा हो कि सड़कों के निर्माण के साथ कचरा प्रबंधन बेहतर हो और स्व-सहायता समूह की महिलाओं को भी इसका आर्थिक लाभ मिले। उन्होंने सड़क सहित अन्य निर्माण कार्यों में उपयोगिता के आधार पर प्लास्टिक सहित फ्लाईएश के उपयोग को प्राथमिकता देने की बात कही।
62 हजार घरों से कचरा जुटाती हैं स्व-सहायता समूह की महिलाएं
नगर पालिक निगम कोरबा क्षेत्र में लगभग 62 हजार घरों से प्रतिदिन कचरे का संग्रहण किया जाता है। इस कार्य से स्व-सहायता समूहों की 644 महिला सदस्य जुड़ी हैं। एकत्र कचरा 16 एमआरएफ केंद्रों में पहुंचता है, जहां प्लास्टिक सहित विभिन्न प्रकार के कचरे को अलग किया जाता है। उपयोगिता के अनुसार छांटी गई सामग्री का विक्रय भी किया जाता है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रतिदिन लगभग 155 टन कचरा एकत्र होता है। इसमें करीब 40 प्रतिशत सूखा और 60 प्रतिशत गीला कचरा होता है। एकत्र कचरे में प्रतिदिन लगभग चार से पांच टन प्लास्टिक भी शामिल रहता है। सड़क निर्माण के लिए उपयुक्त प्लास्टिक की छंटाई और आपूर्ति से कचरा संग्रहण एवं पृथक्करण से जुड़ी महिलाओं के लिए आय का अवसर बढ़ सकता है।
कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को मिलेगी मदद
प्लास्टिक कचरे को अन्य कचरे से अलग कर उपयोगी सामग्री के रूप में तैयार करने से खुले में बिखरने वाले कचरे को कम करने में मदद मिलेगी। गुणवत्ता और उपयोगिता के आधार पर प्लास्टिक को सड़क निर्माण के अलावा विभिन्न वस्तुओं के निर्माण में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता श्री सी. एस. तंवर ने बताया कि स्वीकृत सड़कों के निर्माण के लिए लगभग 61 टन अपशिष्ट प्लास्टिक की आवश्यकता होगी। उपयुक्त प्लास्टिक को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार तैयार कर डामर के साथ उपयोग किया जाएगा। इससे डामर की आवश्यकता कुछ कम हो सकती है। सामग्री उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर को मांग भेजी गई है।
ग्रामीण संपर्क को मजबूत करने वाली यह पहल घर-घर कचरा जुटाने वाली महिलाओं के श्रम को आर्थिक अवसर से जोड़ सकती है। साथ ही, प्लास्टिक कचरे का उपयोग पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक कदम होगा।