13 जनवरी 2000 से प्रकाशित
प्रातः कालीन समाचार पत्र, कोरबा

सेवा की कहानी : विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच से सजा ‘मेरे सपनों का भारत’, विकास और राष्ट्र निर्माण पर रखे विचार

विकसित भारत की परिकल्पना, रोजगार और खुशहाल किसान की तस्वीर, महिला सशक्तिकरण को बताया विकास की ताकत

कोरबा 2026-10-03

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर जिला स्तरीय चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय (एनसीडीसी शाला) में किया गया। जिले के स्कूल एवं विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिताओं से चयनित विभिन्न वर्गों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विकसित भारत, स्वच्छ भारत, राष्ट्र निर्माण, रक्षा प्रौद्योगिकी, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं पर्यावरण सहित विभिन्न विषयों पर अपनी कल्पनाओं और विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से भविष्य के सशक्त, समृद्ध और विकसित भारत की तस्वीर दिखाई दी। चित्रकला में विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाओं को रंगों के माध्यम से अभिव्यक्त किया, वहीं भाषण प्रतियोगिता में उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, किसानों की खुशहाली, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की सहभागिता जैसे विषयों पर अपने विचार रखे।

भाषण प्रतियोगिता में पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के प्राथमिक शाला भलपहरी के कक्षा चौथी के छात्र अखिल कुमार ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से सभी का ध्यान आकर्षित किया। ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर बोलते हुए अखिल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की ‘विकसित भारत/2047’ की संकल्पना से प्रेरित भारत की ऐसी तस्वीर प्रस्तुत की, जिसमें विकास के साथ प्रत्येक नागरिक के जीवन में बेहतर अवसर और खुशहाली सुनिश्चित हो।

अखिल ने कहा कि “मेरे सपनों का भारत केवल ऊंची इमारतों और चमकती सड़कों का भारत नहीं है। मेरे सपनों का भारत वह है, जहां हर आंख में उम्मीद, हर हाथ में हुनर और हर हृदय में देश के लिए गर्व हो।” उन्होंने ऐसे भारत की कल्पना रखी, जहां गरीबी किसी बच्चे के विकास में बाधा न बने, हर किसान खुशहाल हो तथा महिलाएं शिक्षित, सुरक्षित और सशक्त बनें। उन्होंने देश की प्रगति में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी, आत्मनिर्भर गांव, स्वच्छ शहर और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील समाज की परिकल्पना भी प्रस्तुत की।

अखिल ने अपने विचारों में प्रत्येक व्यक्ति के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य, रोजगार और आगे बढ़ने के समान अवसर की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत को दुनिया में अग्रणी बनाने के साथ अपनी संस्कृति, भाषा और संस्कारों को सहेजकर आगे बढ़ने की बात कही। उसकी प्रस्तुति में विकसित भारत के साथ सामाजिक समानता, अवसरों की उपलब्धता और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

इसी प्रकार स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय पंप हाउस की कक्षा 7वीं की छात्रा सुश्री शुभांगी साहू और सेंट थॉमस पब्लिक स्कूल दीपका की कक्षा 10वीं की छात्रा सुश्री आर्या गुप्ता ने  भाषण प्रतियोगिता में ‘मेरे सपनों का भारत’ एवं ‘महिला सशक्तिकरण’ विषय पर अपने विचार प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किए। दोनों छात्राओं ने शिक्षा, समान अवसर, महिला सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए सशक्त एवं विकसित भारत की अपनी सोच साझा की।

प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने उनकी रचनात्मक सोच और भविष्य के भारत को लेकर उनकी कल्पनाशीलता को सामने रखा। ‘मेरे सपनों का भारत’ के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपने विचारों को मंच प्रदान करने के साथ देश के विकास में अपनी भूमिका को लेकर भी दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।

छात्र अखिल कुमार एवं दोनों छात्राओ की विचारपूर्ण और प्रभावशाली प्रस्तुति की अतिथियों ने सराहना की। सभी अतिथियों ने उसके ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर व्यक्त विचारों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उसकी कल्पनाशीलता और राष्ट्र निर्माण के प्रति सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के मन में विकसित और सशक्त भारत की ऐसी कल्पनाएं भविष्य के भारत की मजबूत नींव तैयार करती हैं।