13 जनवरी 2000 से प्रकाशित
प्रातः कालीन समाचार पत्र, कोरबा

ऑपरेशन सिंदूर की रणनीति और सैन्य नेतृत्व से एम्स रायपुर के भावी चिकित्सकों को मिली प्रेरणा

भारतीय सेना की पेशेवर उत्कृष्टता, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के मूल्यों पर ब्रिगेडियर तेजिंदर सिंह बावा का विशेष व्याख्यान

रायपुर 2026-07-09

भारतीय सशस्त्र बलों की रणनीतिक क्षमता, पेशेवर उत्कृष्टता, अनुशासन तथा आधुनिक सैन्य तकनीकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर में "ऑपरेशन सिंदूर" विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। व्याख्यान भारतीय सेना के ब्रिगेडियर तेजिंदर सिंह बावा, सेना मेडल, कमांडर, छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा सब एरिया ने दिया। कार्यक्रम में संस्थान के वरिष्ठ चिकित्सकों, संकाय सदस्यों, मेडिकल एवं नर्सिंग विद्यार्थियों, राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) कैडेट्स तथा पूर्व सैनिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

अपने संबोधन में ब्रिगेडियर बावा ने ऑपरेशन सिंदूर की रणनीतिक योजना, नेतृत्व क्षमता, त्वरित निर्णय प्रक्रिया तथा अभियान के सफल क्रियान्वयन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भारतीय सेना ने सूक्ष्म योजना, प्रभावी समन्वय, अदम्य साहस और अत्याधुनिक तकनीक के समुचित उपयोग के माध्यम से अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युद्ध केवल पारंपरिक रणभूमि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सटीक रणनीति, तकनीकी श्रेष्ठता, विश्वसनीय खुफिया जानकारी और सुदृढ़ टीमवर्क की निर्णायक भूमिका होती है। भारतीय सशस्त्र बल देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं तथा आधुनिक हथियार प्रणालियों, उन्नत तकनीकों और कठोर प्रशिक्षण के माध्यम से अपनी परिचालन क्षमता को निरंतर सुदृढ़ कर रहे हैं।

ब्रिगेडियर बावा ने अपने दीर्घ सैन्य अनुभवों को साझा करते हुए अनुशासन, ईमानदारी, निःस्वार्थ सेवा, कठिन परिस्थितियों में नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति समर्पण को सैन्य जीवन के मूल आधार बताया। उन्होंने मेडिकल एवं नर्सिंग विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने व्यावसायिक जीवन में भी इन मूल्यों को आत्मसात करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में समर्पण, टीमवर्क और राष्ट्रसेवा की भावना उतनी ही महत्वपूर्ण है, जितनी सैन्य सेवा में।

कार्यक्रम में संस्थान के वरिष्ठ संकाय सदस्य, चिकित्सक, नर्सिंग अधिकारी, स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थी, राष्ट्रीय कैडेट कोर कैडेट्स तथा पूर्व सैनिकों ने सक्रिय सहभागिता की। व्याख्यान ने भावी स्वास्थ्य पेशेवरों को भारतीय सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुभवों से सीखने का अवसर प्रदान किया तथा उनमें साहस, नेतृत्व, अनुशासन, टीमवर्क और राष्ट्रसेवा जैसे मूल्यों के प्रति नई प्रेरणा का संचार किया।