13 जनवरी 2000 से प्रकाशित
प्रातः कालीन समाचार पत्र, कोरबा

मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के फैसले पर सर्वोच्‍च न्यायालय ने रोक लगाने से किया इनकार

नई दिल्ली 2026-09-28

सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने आज केंद्र सरकार के उस फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसमें 2000 रुपये से अधिक के कुछ खास यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट – एमडीआर लागू करने का प्रावधान है। ये शुल्क 15 अक्‍टूबर से प्रभावी होने वाले हैं। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने केंद्र सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक और अन्य प्रतिवादियों से जवाब मांगा। इनको चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि यह मुद्दा कानूनी से अधिक तकनीकी है।

केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एन. वेंकटरामन ने पीठ को बताया कि भुगतान गेटवे के 96 प्रतिशत उपयोगकर्ता इससे मुक्त रहेंगे। इस कदम को चुनौती देने वाली जनहित याचिका – पीआईएल अधिवक्ता अंजन दत्ता ने दायर की थी। इससे पहले, केंद्र सरकार ने दो हजार रुपये से अधिक के कुछ खास यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर लागू करने के अपने फैसले की घोषणा की थी।