13 जनवरी 2000 से प्रकाशित
प्रातः कालीन समाचार पत्र, कोरबा

भारत समुद्री सुरक्षा को क्षेत्र की शांति, सुरक्षा और समृद्धि से जुड़ा मुद्दा मानता है : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

नई दिल्ली 2026-10-29

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र और व्यापक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक भरोसेमंद सुरक्षा प्रदाता के रूप में अपनी भूमिका निभाता रहेगा। फिलीपींस के सेबू में आयोजित 13वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक प्लस (एडीएमएम-प्लस) को संबोधित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि भारत समुद्री सुरक्षा को इस क्षेत्र की शांति, सुरक्षा और समृद्धि से जुड़ा मुद्दा मानता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के एडीएमएम-प्लस का विषय, ‘नेविगेटिंग आवर फ्यूचर टुगेदर’, भारत की रक्षा और विदेश नीतियों के साथ गहराई से जुड़ा है। मंत्री ने कहा कि भारत समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के पालन पर जोर देता है। नौवहन और हवाई उड़ानों की स्वतंत्रता की वकालत करने का भारत का रुख किसी भी देश के खिलाफ नहीं है।

श्री सिंह ने कहा कि भारत समुद्री सुरक्षा, खोज एवं बचाव, मानवीय सहायता, क्षमता निर्माण और अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करता है। उन्होंने कहा कि भारत इन क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के लिए आसियान साझेदारों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। श्री सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय नौसेना ने अपने अग्रिम पंक्ति के युद्धपोतों की तैनाती के माध्यम से हजारों व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा प्रदान की है और समुद्र में जहाजों के अपहरण के कई प्रयासों को भी विफल किया है। उन्होंने कहा कि भारत की सुरक्षा व्यवस्था किसी विशिष्ट ध्वज या राष्ट्रीयता तक सीमित नहीं है, क्योंकि उसने वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को एक जिम्मेदारी के रूप में देखा है।