13 जनवरी 2000 से प्रकाशित
प्रातः कालीन समाचार पत्र, कोरबा

विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार : गुजरात सरकार करेगी कैप्टन स्मित मछार को सम्मानित

नई दिल्ली 2026-10-01

गुजरात सरकार फ्लाईदुबई के भारतीय कैप्टन स्मित मछार को उनकी असाधारण बहादुरी के लिए ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ से सम्मानित करेगी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। इसके साथ ही उन्हें 25 लाख रुपये का नकद इनाम भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान के दौरान को-पायलट के हमले में गंभीर रूप से घायल होने और खून बहने के बावजूद कैप्टन मछार ने जबरदस्त साहस दिखाया। उनकी बहादुरी की वजह से विमान में सवार सभी 174 यात्रियों (जिनमें 27 बच्चे भी शामिल थे) की जान बचाने में मदद मिली।

गुजरात और देश का मान बढ़ाया

एक्स पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने लिखा कि दुनिया कैप्टन के साहस को सलाम कर रही है। उनके कार्यों को उन्होंने “बेहद प्रेरणादायक और सराहनीय” बताया। उन्होंने कहा कि गुजराती मूल के कैप्टन स्मित मछार ने अपनी बहादुरी से गुजरात और पूरे देश का मान बढ़ाया है। पटेल ने आगे कहा, “उनकी असाधारण बहादुरी और मानवता के काम का सम्मान करते हुए गुजरात सरकार कैप्टन स्मित मछार को ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ से सम्मानित करेगी।” उन्होंने पूरे राज्य की ओर से कैप्टन के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना भी की। 

उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी एक्स पर पोस्ट कर पुरस्कार की घोषणा की। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने असाधारण साहस दिखाया और 174 लोगों की जान बचाई। संघवी ने लिखा, “गुजरात कैप्टन स्मित मछार को ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ से सम्मानित करता है। दुनिया उनकी बहादुरी को सलाम करती है और गुजरात को अपने बहादुर बेटे पर गर्व है।” मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के सूत्रों ने भी पुष्टि की है कि राज्य सरकार ने कैप्टन को 25 लाख रुपये का नकद इनाम देने का फैसला किया है।

घटना का संक्षिप्त विवरण

यह घोषणा उस घटना के एक दिन बाद हुई है, जिसमें फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 (बोइंग 737 मैक्स 8) दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भर रही थी। कॉकपिट में को-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन मछार पर हमला कर दिया। इसके बाद विमान तेजी से नीचे की ओर जाने लगा। घायल होने के बावजूद कैप्टन कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे, जिससे यात्री और क्रू सदस्य अंदर आकर हमलावर को काबू कर सके। दो यात्रियों की मदद से विमान को सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतार लिया गया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना

इस घटना ने दुनियाभर में सुर्खियां बटोरीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कैप्टन मछार के परिवार से बात की और उन्हें ‘हीरो’ बताया। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत कई विश्व नेताओं ने भी उनकी बहादुरी की तारीफ की है। कैप्टन स्मित मछार के पास कमर्शियल एविएशन का 13 साल से ज्यादा का अनुभव और करीब 9,750 घंटे की उड़ान का अनुभव है। उन्होंने स्पाइसजेट में 11 साल से अधिक समय बिताने के बाद जून 2022 में फ्लाईदुबई जॉइन किया था। फिलहाल वे सऊदी अरब में इलाज के बाद ठीक हो रहे हैं। कॉकपिट में हुए हमले और को-पायलट के मकसद की जांच अभी जारी है। फ्लाईदुबई ने पुष्टि की है कि फ्लाइट डेक में कहासुनी हुई थी और मामले की जांच चल रही है।