नई दिल्ली 2026-10-13
विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 की समीक्षा के लिए गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की बैठक कल नई दिल्ली संसदीय सौध में हुई। समिति विधेयक के प्रावधानों की समीक्षा और शीतकालीन सत्र 2026 के प्रथम सप्ताह के अंतिम दिन तक संसद को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। लोकसभा सांसद संजय जायसवाल की अध्यक्षता में गठित समिति में हितधारकों ने अपने विचार और सुझाव रखे।
इनमें भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान, कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया, अखिल भारतीय ईसाई परिषद और सेंटर फॉर एडवांसमेंट ऑफ फिलैंथ्रोपी के प्रतिनिधि शामिल थे। समिति ने विधेयक पर वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल से भी बातचीत की। श्री संजय जायसवाल ने मीडिया को बताया कि समिति ने बैठक में उपस्थित सभी लोगों के विचार सुने और बैठक में इन बिंदुओं पर विचार-विमर्श करेगी।
समिति में लोकसभा अध्यक्ष द्वारा मनोनीत लोकसभा के 21 सदस्य और राज्यसभा के 10 सदस्य शामिल हैं। विधेयक का उद्देश्य विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 में संशोधन करना है, ताकि विदेशी अंशदान के उपयोग को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा सके।