13 जनवरी 2000 से प्रकाशित
प्रातः कालीन समाचार पत्र, कोरबा

त्योहारी और विवाह सीजन के दौरान धरना-प्रदर्शनों के कारण कारोबार प्रभावित, पीएम मोदी से राजनीतिक प्रदर्शन रोकने की मांग

नई दिल्ली 2026-10-17

दिल्ली के व्यापारिक संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राजधानी में होने वाले राजनीतिक प्रदर्शनों को 31 जनवरी 2027 तक स्थगित कराने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि आगामी त्योहारी और विवाह सीजन के दौरान धरना-प्रदर्शनों, यातायात प्रतिबंधों और सड़कों पर अवरोधों के कारण कारोबार प्रभावित होता है। इससे न केवल व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है, बल्कि ग्राहकों, श्रमिकों और आम नागरिकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

त्योहारी और विवाह सीजन में कारोबार पर असर

प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में व्यापारिक प्रतिनिधियों ने कहा कि दिल्ली देश के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में शामिल है। यहां दिल्ली-एनसीआर के साथ आसपास के कई शहरों से प्रतिदिन लाखों लोग खरीदारी और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए पहुंचते हैं। नवरात्र, दीपावली, गुरुपर्व, क्रिसमस और विवाह समारोहों का मौसम व्यापार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में बाजारों का सुचारू संचालन व्यापारियों, श्रमिकों, ग्राहकों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों की आजीविका के लिए जरूरी है।

प्रदर्शनों से बाधित होती है माल की आवाजाही

व्यापारी संगठनों ने पत्र में कहा कि राजनीतिक प्रदर्शनों के दौरान लगाए जाने वाले यातायात प्रतिबंधों और मार्ग अवरोधों से बाजारों तक पहुंच प्रभावित होती है। माल की आवाजाही में रुकावट आने से व्यापारिक गतिविधियां बाधित होती हैं और कारोबारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसके अलावा, दिहाड़ी मजदूरों और अन्य श्रमिकों की आय पर भी इसका सीधा असर पड़ता है। व्यापारियों के लिए कर्मचारियों का वेतन, दुकानों का किराया और अन्य वित्तीय दायित्व पूरे करना भी मुश्किल हो जाता है।

मेट्रो और सड़क यातायात प्रभावित होने से जनता परेशान

पत्र में यह भी कहा गया है कि प्रदर्शनों के दौरान मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने, सड़कों पर जाम लगने और यातायात प्रतिबंधों के कारण आम नागरिकों को भारी परेशानी होती है। बाजारों तक पहुंचने में कठिनाई होने से ग्राहकों की संख्या घटती है, जिसका सीधा असर बिक्री पर पड़ता है। व्यापारिक संगठनों के मुताबिक, इन व्यवधानों का प्रभाव दिल्ली तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आसपास के शहरों से आने वाले ग्राहकों की आवाजाही भी प्रभावित होती है।

एनसीआर के बाजारों पर भी पड़ता है असर

व्यापारियों ने सोनीपत, पानीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद जैसे शहरों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली के बाजारों में खरीदारी के लिए आते हैं। यातायात बाधित होने या रास्ते बंद होने से ग्राहकों को परेशानी होती है और वे बाजारों तक पहुंचने से बचते हैं। इससे दिल्ली के व्यापारिक प्रतिष्ठानों की बिक्री प्रभावित होती है और कारोबार से जुड़े विभिन्न वर्गों की आजीविका पर दबाव बढ़ता है।

31 जनवरी 2027 तक प्रदर्शन स्थगित कराने का अनुरोध

व्यापारी संगठनों ने सरकार से अनुरोध किया है कि व्यापक जनहित, व्यापारिक स्थिरता और लाखों परिवारों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए संबंधित पक्षों से संवाद और समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने मांग की है कि 31 जनवरी 2027 तक राजनीतिक प्रदर्शनों को स्थगित कराने की दिशा में पहल की जाए, ताकि त्योहारी और विवाह सीजन के दौरान बाजारों में सामान्य गतिविधियां जारी रह सकें।

लोकतांत्रिक अधिकारों और जनहित में संतुलन की अपील

व्यापारिक प्रतिनिधियों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रदर्शन का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ आम जनता की सुविधा और व्यापारिक गतिविधियों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने ऐसे व्यावहारिक उपाय अपनाने की जरूरत बताई, जिनसे लोकतांत्रिक अधिकारों और जनहित के बीच संतुलन कायम रहे तथा आम नागरिकों, व्यापारियों और श्रमिकों को होने वाली परेशानियां कम की जा सकें।

व्यापारी प्रतिनिधियों ने किए पत्र पर हस्ताक्षर

प्रधानमंत्री को भेजे गए इस पत्र पर व्यापारी संगठनों की ओर से महामंत्री राकेश यादव, प्रदीप गुप्ता और हेमंत गुप्ता ने हस्ताक्षर किए हैं। व्यापारिक प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई है कि उनकी मांग पर विचार कर संबंधित पक्षों के साथ समन्वय के जरिए ऐसा समाधान निकाला जाएगा, जिससे राजधानी के बाजारों में कारोबार सुचारू रूप से चलता रहे और आम लोगों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।