नई दिल्ली 2026-09-28
भारत ने इस वर्ष वस्तुओं और सेवाओं के कुल निर्यात को पिछले वर्ष के 863 अरब डॉलर से बढ़ाकर एक ट्रिलियन डॉलर करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों में वस्तुओं के निर्यात में 15 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।
मुंबई में भारत-यूएई उच्च स्तरीय संयुक्त कार्यबल की 14वीं बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में श्री गोयल ने कहा कि भारत और यूएई के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते के बाद दोनों देशों का व्यापार करीब 100 अरब डॉलर हो गया है। उन्होंने कहा कि यूएई ने भारत में अब तक लगभग 25 अरब डॉलर का निवेश किया है।
श्री गोयल ने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, जहाज निर्माण, खाद्य सुरक्षा, कृषि नवाचार, लॉजिस्टिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऊर्जा सुरक्षा और वित्तीय प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ रहा है।
खाद्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ने से भारतीय किसानों को सुनिश्चित बाजार मिलेगा और खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग तथा निर्यात के क्षेत्र में युवाओं और सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यमों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। भारत से खाद्य और समुद्री उत्पादों का निर्यात पहले ही 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। उन्होंने एक जिला एक व्यंजन पहल की बढ़ती लोकप्रियता का भी उल्लेख किया।
श्री गोयल ने अंतरिक्ष क्षेत्र में भारतीय निजी कंपनियों की उपलब्धियों का उल्लेख किया। इनमें रॉकेट प्रक्षेपित करने वाली पहली निजी कंपनी, उपग्रह निर्माण और अंतरिक्ष में मलबा हटाने की तकनीक पर हो रहा काम शामिल है।
समुद्री क्षेत्र में आधुनिक बंदरगाह, जहाज निर्माण, जहाजों की मरम्मत और कंटेनर निर्माण सहित 6 क्षेत्रों में सहयोग की पहचान की गई है। श्री गोयल ने कहा कि इसके लिए एक विशेष कार्य समूह बनाया जाएगा, जिसका नेतृत्व भारत का पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय करेगा। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत की बंदरगाह क्षमता दोगुनी हुई है।
वित्तीय प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में श्री गोयल ने कहा कि यूएई में यूपीआई का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। भविष्य में दोनों देश साइबर सुरक्षा, एआई आधारित वित्तीय सेवाओं और स्टार्टअप के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएंगे।
श्री गोयल ने कहा कि भारत-यूएई मुक्त व्यापार समझौता 90 दिनों से भी कम समय में पूरा हुआ जो दोनों देशों के बीच मजबूत विश्वास को दर्शाता है।