13 जनवरी 2000 से प्रकाशित
प्रातः कालीन समाचार पत्र, कोरबा

बिटिया अच्छे से पढ़ना, आगे बढ़ना : कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत

सुशासन तिहार ने दिव्यांग कमला के उच्च शिक्षा की राह की आसान

कोरबा 2026-06-01

बचपन से दोनों पैरों से दिव्यांग होने के बावजूद कमला कुमारी केंवट ने कभी अपनी पढ़ाई को बाधित नहीं होने दिया। चुनौतियों से भरे जीवन में उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और शिक्षा के प्रति समर्पण के बल पर घर से कॉलेज तक का कठिन सफर तय करते हुए उच्च शिक्षा की राह चुनी। हालांकि, कॉलेज तक पहुंचना उनके लिए हर दिन एक बड़ी चुनौती था, क्योंकि वे अन्य छात्राओं की तरह पैदल या साइकिल से आवागमन नहीं कर सकती थीं।

कटघोरा विकासखंड के ग्राम सलोरा (क) निवासी कमला को पूर्व में समाज कल्याण विभाग द्वारा ट्राइसाइकिल प्रदान की गई थी, लेकिन वह काफी पुरानी और खराब हो चुकी थी। इसके कारण उन्हें कॉलेज आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

इसी बीच जब उन्हें सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर की जानकारी मिली, तो उन्होंने ग्राम धनरास में आयोजित शिविर में मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल की मांग करते हुए आवेदन प्रस्तुत किया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उद्योग, वाणिज्य एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन से कमला ने अपनी समस्या साझा की। मंत्री श्री देवांगन ने तत्काल समाज कल्याण विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

समाज कल्याण विभाग द्वारा आवेदन का परीक्षण कर पात्रता सुनिश्चित की गई और आज कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने कमला को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान की। इस अवसर पर कलेक्टर ने कमला से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। कमला ने बताया कि वे वर्तमान में एम.ए. की पढ़ाई कर रही हैं।

कलेक्टर श्री दुदावत ने कमला की लगन और संघर्षशीलता की सराहना करते हुए कहा, बिटिया, अच्छे से पढ़ना और आगे बढ़ना। आपकी मेहनत और आत्मविश्वास अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि शारीरिक चुनौतियां किसी व्यक्ति की उड़ान को सीमित नहीं कर सकतीं, यदि उसके भीतर आगे बढ़ने का संकल्प मजबूत हो।

कमला की माता श्रीमती संतकुंवर ने भावुक होकर बताया कि उनके पति मजदूरी करते हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे स्वयं मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल खरीद सकें। शासन द्वारा निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल मिलने से उनकी बेटी की शिक्षा का रास्ता और आसान हो गया है। अब उसे कॉलेज आने-जाने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।

कमला ने भी अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल मिलने से अब वह न केवल नियमित रूप से कॉलेज जा सकेगी, बल्कि अपने अन्य जरूरी कार्य भी आसानी से कर पाएगी। यह सुविधा उसके आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के अधिकारी श्री हरीश सक्सेना सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की संवेदनशील पहल ने एक दिव्यांग छात्रा के सपनों को नई गति दी है। अब कमला के लिए उच्च शिक्षा का सफर पहले से अधिक सहज और आत्मविश्वास से भरा होगा।