13 जनवरी 2000 से प्रकाशित

गौरा पूजा महोत्सव व बैगा पुजेरी सम्मेलन: सीएम साय का भव्य प्रवास, जनजातीय आस्था व संस्कृति को मिला सम्मान

कोरबा 2026-01-11

प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय श्री विष्णुदेव साय जी आज कोरबा प्रवास पर रहे। उनके आगमन पर उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन जी, भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष श्री गोपाल मोदी जी एवं महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत जी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। अपने एकदिवसीय प्रवास के दौरान माननीय मुख्यमंत्री जी आईटीआई तानसेन चौक के समीप स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने भव्य रूप से आयोजित गौरा पूजा महोत्सव एवं बैगा पुजेरी सम्मेलन में सहभागिता की। इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री जी ने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की तथा जनजातीय समाज की परंपराओं, आस्था और संस्कृति को नमन किया। मुख्यमंत्री श्री साय जी ने कहा कि गौरा पूजा और बैगा पुजेरी परंपरा छत्तीसगढ़ की आत्मा हैं, जिनके संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने जनजातीय समाज के उत्थान, उनकी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी। 

जनजातीय समाज प्रभु श्रीराम का सदैव उपासक रहा हैं - श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन में पूज्य बाला साहब देशपांडे एवं स्वामी अमरानंद जी के आशीर्वाद से वनवासी कल्याण आश्रम में क्षेत्रीय प्रमुख के दायित्व सौंपे जाने की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जशपुर जिले में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम का केंद्रीय कार्यालय स्थित है, जो जनजातीय समाज के उत्थान हेतु निरंतर कार्य कर रहा है। 

मुख्यमंत्री जी ने अपने संबोधन में धर्म और आस्था पर आक्षेप करने के कुत्सित प्रयासों पर तीखा प्रहार करते हुए जनजातीय समाज से सजग और जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की आस्था सदियों से सुदृढ़ रही है और किसी भी प्रकार की साजिश से उसे विचलित नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि गौरा-गौरी की उपासना भगवान शिव-पार्वती (शिव-शक्ति) के रूप में प्राचीन काल से होती चली आ रही है तथा जनजातीय समाज प्रभु श्रीराम का सदैव उपासक रहा है। यह परंपरा हमारी संस्कृति, श्रद्धा और पहचान का अभिन्न अंग है। 

मुख्यमंत्री जी ने अंत में जनजातीय समाज से अपनी सांस्कृतिक विरासत, धर्म और परंपराओं की रक्षा करते हुए एकजुट होकर आगे बढ़ने का संदेश दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनजातीय समाज के लोग उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री जी के आगमन से क्षेत्र में उत्साह और उमंग का वातावरण देखने को मिला।