रायपुर 2026-06-13
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के बिलासपुर स्थित मुख्यालय में श्रद्धा महिला मंडल के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय ‘एसईसीएल नारी राग-रंग महोत्सव 2026’ का आज गरिमामय और भव्य समापन हुआ। इस महोत्सव ने न केवल महिलाओं की सुप्त प्रतिभा को उजागर किया, बल्कि उन्हें अपनी अभिव्यक्ति के लिए एक सशक्त और राष्ट्रीय स्तर का मंच भी प्रदान किया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (सीएमडी) श्री हरीश दुहन एवं श्रद्धा महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती शशि दुहन रहे। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में एसईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) श्री बिरंची दास सहित श्रद्धा महिला मंडल की उपाध्यक्षागण श्रीमती अनीता फ्रैंकलिन, श्रीमती इप्सिता दास एवं श्रीमती शुभश्री महापात्र उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारीगणों और उनके परिजनों ने उत्साहपूर्वक शिरकत की।
महोत्सव के दूसरे और अंतिम दिन की प्रतियोगिताएं बेहद रोमांचक रहीं, जिसमें समूह गायन, समूह नृत्य, स्टैंड-अप कॉमेडी, मिमिक्री और लघु नाटिकाओं (स्किट) का मंचन किया गया। प्रतिभागियों ने अपनी कलात्मक प्रस्तुतियों से न केवल दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया, बल्कि आधुनिक समाज में नारी शक्ति के विविध आयामों को भी प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया।
समारोह को संबोधित करते हुए अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक श्री हरीश दुहन ने इस आयोजन की सफलता की सराहना की। उन्होंने कहा, “नारी राग-रंग महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के भीतर छिपी अद्वितीय क्षमताओं को पहचानने और उन्हें आत्मविश्वास से भरने का एक अभियान है। प्रतिभागियों के उत्साह ने यह प्रमाणित कर दिया है कि जब महिलाओं को उचित अवसर मिलता है, तो वे सृजनात्मकता के नए कीर्तिमान स्थापित करती हैं। एसईसीएल भविष्य में भी महिलाओं के सर्वांगीण विकास और उनके कौशल को प्रोत्साहित करने के लिए इस तरह के आयोजन निरंतर जारी रखेगा।”
कार्यक्रम के समापन सत्र में विभिन्न श्रेणियों की प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पदक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही, आयोजन को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले निर्णायक मंडल के सदस्यों को भी स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।
यह दो दिवसीय महोत्सव महिलाओं की रचनात्मकता, संगठन क्षमता और नेतृत्व कौशल के एक उत्कृष्ट संगम के रूप में उभरा है। इस सफल आयोजन ने न केवल एसईसीएल परिवार के बीच एकता की भावना को सुदृढ़ किया है, बल्कि नारी सशक्तीकरण की दिशा में एक नई ऊर्जा का संचार भी किया है।