जशपुरनगर 2026-07-15
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यूआईडीएआई, नई दिल्ली द्वारा नागरिकों की सुविधा और डेटा गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए नए आधार ऐप को लॉन्च किया गया है। यह ऐप एंड्रॉइड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।
जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय, जशपुर द्वारा जारी पत्र के अनुसार यूआईडीएआई के परिपत्र 30 अप्रैल 2026 के अनुसार नए आधार ऐप में नागरिकों को अपने पहचान विवरण की गोपनीयता बनाए रखने की सुविधा मिलेगी। इस ऐप के माध्यम से अब नागरिक अपना 12 अंकों का आधार नंबर साझा किए बिना भी अपनी पहचान सत्यापित कर सकेंगे।
नए आधार ऐप की सबसे बड़ी विशेषता वेरिफिएबल क्रेडेंशियल है। इसके तहत नागरिक अपनी पहचान संबंधी जानकारी को पूर्ण या आंशिक रूप से डिजिटल रूप में सुरक्षित तरीके से प्रदर्शित और साझा कर सकेंगे। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 और आधार अधिनियम 2016 के तहत इस ऐप से प्राप्त डिजिटल रिकॉर्ड की विधिक मान्यता भी सुनिश्चित की गई है।
जिला रजिस्ट्रार जन्म-मृत्यु द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि जन्म अथवा मृत्यु पंजीयन हेतु प्राप्त आवेदनों की जांच, मिलान एवं ऑनलाइन प्रविष्टि के समय यदि कोई हितग्राही या आवेदक नए आधार ऐप के माध्यम से अपना पहचान विवरण डिजिटल रूप में प्रस्तुत करता है, तो उसे पहचान के पूर्णतः वैध और कानूनी साक्ष्य के रूप में अनिवार्य रूप से स्वीकार किया जाए।
निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि हितग्राही द्वारा डिजिटल रूप में क्रेडेंशियल प्रस्तुत किए जाने की स्थिति में उनसे मूल 12 अंकों का भौतिक आधार कार्ड या उसकी छायाप्रति जमा करने के लिए अनावश्यक रूप से विवश न किया जाए। भौतिक आधार कार्ड, आधार पत्र, ई-आधार, मास्क्ड ई-आधार और एम-आधार पूर्व की भांति पहचान के प्रमाण के रूप में मान्य रहेंगे।
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या नागरिकों को असुविधा होने की स्थिति में संबंधित रजिस्ट्रार और उप-रजिस्ट्रार व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। सभी पंजीयन इकाइयों को इन निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। यह पहल नागरिकों को कागज रहित और सुरक्षित सेवा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।