1 जुलाई 2026 से नई विद्युत दरें प्रभावशील
एम-ऊर्जा योजना से उपभोक्ताओं को मिलती रहेगी आधे दर पर बिजली
रायपुर 2026-06-15
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने वर्ष 2026-27 के लिए विद्युत दरों की घोषणा करते हुए उपभोक्ताओं को राहत देने वाले अनेक प्रावधानों को यथावत रखा है। राज्य के लाखों घरेलू उपभोक्ताओं को एस-ऊर्जा (मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान) का लाभ मिलता रहेगा। विलंब से बिजली बिल जमा करने पर अब अधिक अधिभार नहीं देना होगा। पहले यह महीने के आधार पर लगता था, जिसे प्रतिदिन किया गया है साथ ही इस पर लगने वाला प्रतिशत भी कम किया गया है। साथ ही पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना तथा विशेष श्रेणी के उपभोक्ताओं को दी गई छूटों से आम उपभोक्ताओं पर वृद्धि का प्रभाव सीमित रहेगा। कृषि पंपों पर इस वृद्धि का प्रभाव नहीं पड़ेगा, इसका भार राज्य शासन द्वारा वहन किया जाता है।
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीमसिंह कंवर ने बताया कि नया टैरिफ 1 जुलाई 2026 से प्रभावशील रहेगा। घोषित बिजली दरों में पूर्व वर्ष के टैरिफ से औसतन 6.23 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो कि विगत वर्षों में महंगाई दर में वृद्धि लगभग 5 प्रतिशत एवं 2024 के पूर्व के वर्षों के घाटे की प्रतिपूर्ति को देखते हुए न्याय-संगत है। घरेलू श्रेणी के विद्युत दरों में औसतन 30 पैसे की वृद्धि की गई है, जो कि खपत अनुसार निम्नांकित हैः
0 से 100 यूनिट – 30 पैसा प्रति यूनिट
101 से 200 यूनिट – 30 पैसा प्रति यूनिट
201 से 400 यूनिट – 40 पैसा प्रति यूनिट
401 से 600 यूनिट – 40 पैसा प्रति यूनिट
601 अधिक – 50 पैसा प्रति यूनिट
चूंकि प्रदेश में मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान के तहत 400 यूनिट तक खपत करने वाले उपभोक्ताओं को 200 यूनिट की खपत पर हाफ बिजली बिल का लाभ दिया जा रहा है और यह निम्न आय वर्गीय उपभोक्ता हैं, अतएव इस श्रेणी में औसतन 15 पैसे से 20 पैसे की वृद्धि ही परिलक्षित होगी। विद्युत दरों में वृद्धि के बावजूद ये दरें झारखण्ड, मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र राज्य की विद्युत दरों से कम हैं।
घरेलू श्रेणी के सभी उपभोक्ता, पीएम सूर्यघर योजना के अंतर्गत सोलर प्लांट लगाकर अपनी खपत को 400 यूनिट के भीतर सीमित कर सकते हैं एवं कई उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य भी हो जा रहा है। गैर-घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं की विद्युत दरों में औसतन 20 पैसे से 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। कृषि पम्पों की बिजली दरों में 40 पैसे की वृद्धि की गई है। चूंकि कृषि पम्पों में शासन द्वारा सब्सिडी दी जा रही है, अतएव इन उपभोक्ताओं को बिजली दरों में वृद्धि का प्रभाव नहीं पड़ेगा।
उच्चदाब स्टील उपभोक्ताओं में 220 केव्ही एवं 132 केव्ही वोल्टेज के उपभोक्ताओं में 30 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि ऊर्जा प्रभार में तथा डिमांड चार्ज में 25 रुपये प्रति केव्हीए की वृद्धि की गई है। इसी प्रकार 33 केव्ही वोल्टेज श्रेणी के उपभोक्ताओं की विद्युत दरें 40 पैसे प्रति यूनिट एवं 11 केव्ही वोल्टेज श्रेणी में 30 पैसे प्रति यूनिट वृद्धि की गई है।
विशेष छूटः
* बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण में स्थित विद्यार्थियों के हॉस्टल, जो शासकीय अथवा प्राइवेट दोनों ही श्रेणियों के हैं, उनके विद्युत दरों को व्यवसायिक श्रेणी से घरेलू श्रेणी में शामिल कर राहत प्रदान की गई है।
* आयोग द्वारा विलंबित भुगतान अधिभार, जो कि वर्तमान में 1.5 प्रतिशत प्रति माह है, उसे आमजन को सुविधा प्रदान करते हुए 0.04 प्रतिशत प्रति दिन किया गया है। इस प्रकार विलंब की अवधि मात्र का ही अतिरिक्त भुगतान उपभोक्ताओं द्वारा किया जाना होगा।
* घरेलू एवं गैर-घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं को जिनका स्वीकृत भार 10 किलोवाट से अधिक है, उन्हें ऑफ पीक अवधि (सुबह 9 बजे से सायं 5 बजे तक) की खपत पर ऊर्जा प्रभार पर 20 पैसे प्रति यूनिट की छूट प्रदान की गई है।