13 जनवरी 2000 से प्रकाशित
प्रातः कालीन समाचार पत्र, कोरबा

किरंदुल में ‘इको पार्क’ की पहल, विकास के साथ दिखेगी भारतीय जैव विविधता की झलक

रायपुर 2026-05-02

वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार किरंदुल के प्राकृतिक सौंदर्य को संरक्षित और विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। वन विकास निगम और एनएमडीसी के संयुक्त प्रयास से यहां एक आधुनिक ‘इको पार्क’ का निर्माण किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए प्रशासन द्वारा उपयुक्त भूमि का चयन भी कर लिया गया है।

इस इको पार्क की सबसे खास बात इसकी थीम होगी। पार्क में ‘भारतीय जैव विविधता’ को प्रमुख रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। यहां देश के विभिन्न हिस्सों में पाई जाने वाली वनस्पतियों और प्राकृतिक संपदाओं की जानकारी लोगों को मिलेगी। इससे पर्यावरण संरक्षण के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ेगी।

पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता बढ़ाना

      पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता बढ़ाने के लिए इको पार्क एक बेहतरीन तरीका है। ये पार्क प्राकृतिक आवासों को संरक्षित करने और टिकाऊ प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए बनाए जाते हैं। हम एक ऐसे विश्व में रहते हैं जहाँ जैव विविधता, पर्यावरणीय न्याय, जलवायु परिवर्तन, पर्यावास संरक्षण और सतत आर्थिक विकास सामाजिक और पर्यावरणीय दोनों आवश्यकताएँ हैं। जब शहरी पर्यावरण पार्क पारिस्थितिक रूप से डिज़ाइन किए गए परिदृश्य होते हैं, तो वे सांस्कृतिक और शैक्षिक भूमि का एक उपजाऊ हिस्सा बना सकते हैं जिसमें स्थिरता जड़ पकड़ सकती है और आने वाली पीढ़ियों तक फैल सकती है

रोजगार के अवसर और प्रकृति संरक्षण को बढ़ावा देना

        यह परियोजना विकास और पर्यावरण के संतुलन का बेहतरीन उदाहरण बनेगी। इसके दो प्रमुख उद्देश्य हैं। स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और प्रकृति संरक्षण को बढ़ावा देना। पार्क के निर्माण और संचालन से क्षेत्र के युवाओं और ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा।

इको पार्क को प्रकृति शिक्षा का केंद्र भी बनाया जाएगा

       इको पार्क को प्रकृति शिक्षा का केंद्र भी बनाया जाएगा। यह स्कूली छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए ‘लिविंग लैबोरेटरी’ की तरह काम करेगा, जहां वे प्रकृति और जैव विविधता के बारे में व्यावहारिक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

वन विकास निगम के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और एनएमडीसी के सहयोग से बनने वाला यह इको पार्क न केवल किरंदुल की सुंदरता को बढ़ाएगा, बल्कि विकास और पर्यावरण के सह-अस्तित्व का प्रेरणादायक उदाहरण भी प्रस्तुत करेगा।