रायपुर 2026-07-03
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने मीडिया और संचार अधिकारियों के लिए दूसरे एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया। इसमें 16 भागीदार राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के विभिन्न जिलों के मीडिया नोडल अधिकारी (MNOs) और सोशल मीडिया नोडल अधिकारी (SMNOs), जिला मीडिया नोडल अधिकारी/जिला जनसंपर्क अधिकारी (DPROs) और संबंधित राज्य जनसंपर्क विभागों (DPRs) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी के साथ सम्मेलन के दौरान प्रतिभागियों को संबोधित किया। इस सम्मेलन में 260 से अधिक मीडिया और संचार अधिकारियों ने भाग लिया।
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) श्री ज्ञानेश कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि आयोग का प्रत्येक कार्य भारत के संविधान, चुनावी कानूनों और समय-समय पर पारदर्शी तरीके से जारी किए गए लिखित निर्देशों पर आधारित होता है। सोशल मीडिया पर प्रचारित किए जाने वाले झूठे आख्यानों (फेक नैरेटिव) के प्रति अधिकारियों को आगाह करते हुए, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए अधिकारियों को सक्रिय रूप से शामिल होने की आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि हाल के विधानसभा चुनावों में अब तक का सबसे अधिक मतदान इस बात का प्रमाण है कि भारतीय मतदाताओं को देश की चुनावी प्रणाली पर पूरा भरोसा है।
प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए, चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने कहा कि आज की डिजिटल दुनिया में, संस्थानों में विश्वास को कम करने के लिए प्रेरित तत्वों द्वारा एआई (AI), डीपफेक, गुमराह करने के इरादे से बनाई गई कृत्रिम सामग्री और यहाँ तक कि शरारतपूर्ण सामग्री भी फैलाई जाती है। डॉ. जोशी ने मीडिया और संचार अधिकारियों से आयोग के नियमों, निर्देशों और दिशा-निर्देशों के आधार पर ऐसे प्रयासों का मुकाबला करने का आग्रह किया। उन्होंने चुनावी साक्षरता क्लबों (ELCs) के माध्यम से युवा मतदाताओं को जोड़ने का भी आह्वान किया।
सम्मेलन की शुरुआत चुनावी चक्र के दौरान संचार रणनीतियों के एक विस्तृत अवलोकन के साथ हुई — जिसमें मतदाता सूची (रोल) से लेकर मतदान (पोल) तक, ईसीआईनेट (ECINET), महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रावधानों और मीडिया मामलों से संबंधित कानूनों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही, प्रेस नोट तैयार करने और मीडिया व सोशल मीडिया के माध्यम से उनका प्रचार-प्रसार करने, गलत सूचनाओं व भ्रामक आख्यानों से निपटने, ईएलसी (ELCs) के माध्यम से युवा मतदाताओं को जोड़ने और जनता तक भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की पहलों को पहुँचाने पर व्यावहारिक सत्र भी आयोजित किए गए।
कार्यक्रम के हिस्से के रूप में, प्रतिभागियों को समूहों में मतदाता सूची तैयार करने, मतदान प्रक्रिया और मतगणना प्रक्रिया के प्रदर्शन से अवगत कराया गया, जिसके बाद प्रदर्शनी और मीडिया कॉर्नर का एक निर्देशित दौरा (वॉकथ्रू) कराया गया।
इस एक दिवसीय सम्मेलन ने हाल ही में चुनाव वाले राज्यों के अधिकारियों द्वारा अनुभव साझा करने और सर्वोत्तम प्रथाओं (बेस्ट प्रैक्टिसेज) के प्रसार की सुविधा प्रदान की।
सम्मेलन का समापन प्रतिभागियों और आयोग के बीच एक प्रश्नोत्तर (Q&A) सत्र के साथ हुआ।
छत्तीसगढ़ राज्य से इस सम्मेलन में सहायक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ,अपर संचालक जनसंपर्क विभाग व सभी 33 जिलों के जनसंपर्क अधिकारी अधिकारी शामिल हुए।