13 जनवरी 2000 से प्रकाशित

बेहतर विद्युत आपूर्ति के लिए बढ़ाई गई हाईटेंशन सब-स्टेशन की क्षमता

रायपुर 2026-02-05

छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी निरंतर और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति के लिए प्रदेश में लगातार पारेषण क्षमता का विस्तार कर रही है। इसी कड़ी में 132/33 केवी उपकेन्द्र झलप में नए 63 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर का सफल ऊर्जीकरण किया गया।इस कार्य को एक महीने से भी कम समय में पूरा करने में सफलता प्राप्त की गई।  इस क्षमता विस्तार से लगभग 150 गांवों में गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति हो सकेगी। इस क्षेत्र में उन्नत खेती के साथ कृषि संबंधी उद्योग एवं अन्य औद्योगिक इकाईयां संचालित हैं।

     छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने इस पॉवर ट्रांसफार्मर को ऊर्जीकृत कर सप्लाई आरंभ की। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार सिंह के निर्देशन में प्रदेश में पारेषण नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। 

इसमें आदिवासी, वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों पर भी फोकस किया जा रहा है। इसी के तहत 132/33 के.वी. उपकेन्द्र झलप (महासमुंद) में 40 एमवीए के पॉवर ट्रांसफार्मर के स्थान पर नवीन 63 एमवीए का पॉवर ट्रांसफार्मर का ऊर्जीकृत किया गया।  इसकी लागत लगभग 6 करोड़ रुपए है। नए ट्रांसफार्मर के समावेश से उपकेन्द्र की क्षमता 120 से बढ़कर 143 एमवीए हो गई है। झलप उपकेन्द्र में 220 केवीए की परसवानी लाइन के साथ ही 132 केवीए बसना, सांकरा, बागबाहरा व एकमी सोलर की लाइन आती है तथा 33 केवीए के नौ फीडर से सप्लाई होती है, जिनमें झलप, पिथौरा, रायतुम, बावनकेरा, चिटको, नारटोरा, तांदुकोना व ढाक फीडर से 150 से अधिक गांवों में विद्युत आपूर्ति की जाती है।

इस अवसर पर मुख्य अभियंता श्री अब्राहम वर्गीश, अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री आर. के. तिवारी, अधीक्षण अभियंता श्री वाय. के. मनहर, श्री पी. के. गढ़ेवाल, श्री धनेश देवांगन, श्री विक्रम मंधान, श्री रवि चंद्राकर, कार्यपालन अभियंता श्री प्रशांत साहू, श्री विंध्याचल गुप्ता, श्री भुनेश्वर दीवान, श्री पंचूराम वर्मा, सहायक अभियंता श्री प्रदीप साहू, सुश्री लता जगत, श्री राजेंद्र चौहान, श्री नारायण प्रसाद लोधी एवं श्री दीपक सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे। इस उपलब्धि से क्षेत्र के कृषकों एवं उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता की विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी तथा ग्रामीण अंचलों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।