13 जनवरी 2000 से प्रकाशित
प्रातः कालीन समाचार पत्र, कोरबा

छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी : स्मार्ट मीटर पर बढ़ता विश्वास, 72 हजार पाजिटिव फीडबैक

रायपुर 2026-02-26

भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के निर्देशन में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी व्दारा 9 फरवरी से 23 फरवरी तक प्रदेशव्यापी “स्मार्ट मीटर जागरूकता पखवाड़ा” का सफल एवं व्यापक आयोजन किया गया। यह अभियान वितरण कंपनी के सभी वितरण केंद्रों, संभागीय एवं जोन कार्यालयों तथा नगरीय निकायों में समन्वित रूप से संचालित किया गया। इसमें लगभग 73 हजार उपभोक्ताओं के फीडबैक प्राप्त हुए, जिसमें उन्होंने स्मार्ट मीटर को पारदर्शी और विश्वसनीय बताया।

इस 15 दिवसीय अभियान के दौरान उपभोक्ताओं की उल्लेखनीय सहभागिता देखने को मिली। “मोर बिजली” ऐप के माध्यम से कुल 72,966 बिजली उपभोक्ताओं ने अपना फीडबैक दर्ज कराया, जिनमें 52,601 स्मार्ट मीटर उपभोक्ता तथा 20,365 नॉन-स्मार्ट मीटर उपभोक्ता शामिल हैं। यह आंकड़ा उपभोक्ताओं के बढ़ते विश्वास और डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रति उनकी सक्रियता को दर्शाता है।

फीडबैक दर्ज कराने में रायपुर शहर प्रथम स्थान पर रहा, जबकि दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर क्रमशः दूसरे एवं तीसरे स्थान पर रहे। संभागवार स्तर पर चांपा डिवीजन से सर्वाधिक 3,077 फीडबैक प्राप्त हुए। जोनवार आंकड़ों में पोंडीमार जोन (कोरबा) से 1,177 फीडबैक दर्ज किए गए, जबकि वितरण केंद्रवार सकरी (बिलासपुर) वितरण केंद्र से सर्वाधिक 757 फीडबैक प्राप्त हुए। स्मार्ट मीटर जागरूकता पखवाड़ा ने न केवल उपभोक्ताओं को तकनीकी रूप से जागरूक किया, बल्कि विभाग और उपभोक्ताओं के बीच संवाद और विश्वास को भी सुदृढ़ किया है। यह पहल पारदर्शिता, जवाबदेही और डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज़ व्दारा भविष्य में भी उपभोक्ता हितों को प्राथमिकता देते हुए ऐसे जनहितकारी एवं जागरूकता आधारित कार्यक्रम निरंतर संचालित किए जाते रहेंगे। 

पखवाड़े का उद्देश्य स्मार्ट मीटर प्रणाली के प्रति उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ाना, पारदर्शी एवं सटीक बिलिंग व्यवस्था की जानकारी देना तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपभोक्ता सहभागिता को सशक्त बनाना था। अभियान के दौरान नुक्कड़ नाटक, प्रदर्शनी, जनसंवाद, उपभोक्ता शिविर तथा स्थल पर तकनीकी प्रदर्शन के माध्यम से स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली और उसके लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई। उपभोक्ताओं को बताया गया कि स्मार्ट मीटर से वास्तविक समय में बिजली खपत की निगरानी संभव है, बिलिंग पूर्णतः पारदर्शी एवं सटिक होती है, ओवरलोड या अनियमितता की त्वरित सूचना मिलती है, मीटर रीडिंग की मैनुअल त्रुटियाँ समाप्त होती हैं तथा बिजली चोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होता है। इसके ऑनलाइन भुगतान सुविधा, ऊर्जा बचत की आदत विकसित करने में इसकी भूमिका तथा “मोर बिजली” मोबाइल ऐप के माध्यम से खपत, बिल एवं शिकायत संबंधी जानकारी प्राप्त करने की प्रक्रिया भी समझाई गई।