13 जनवरी 2000 से प्रकाशित
प्रातः कालीन समाचार पत्र, कोरबा

"स्टैंडर्ड सस्टेनेंस ट्रैकर" : भिलाई इस्पात संयंत्र ने आयोजित किया औद्योगिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने संवाद कार्यक्रम

रायपुर 2026-05-11

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग द्वारा कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से “स्टैंडर्ड सस्टेनेंस ट्रैकर” विषय पर एक 'लार्ज ग्रुप इंटरेक्शन' (Large Group Interaction) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मानव संसाधन विकास केंद्र के सभागार में आयोजित यह कार्यक्रम मुख्य महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं अग्निशमन सेवाएं) श्री देबदत्त सतपथी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, महाप्रबंधक प्रभारी (सुरक्षा अभियांत्रिकी) श्री एस. के. अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित कर सत्र का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में श्री अग्रवाल ने औद्योगिक सुरक्षा के क्षेत्र में 'स्टैंडर्ड सस्टेनेंस ट्रैकर' की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का केवल निर्धारण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका सतत अनुपालन (Sustainable Compliance) और प्रभावी मॉनिटरिंग भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एक व्यवस्थित ट्रैकिंग प्रणाली के माध्यम से संयंत्र के भीतर सुरक्षा संस्कृति को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सकता है।

तकनीकी सत्र के दौरान, मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित महाप्रबंधक (फोर्ज एंड एसएस शॉप) श्री जितेन्द्र मोटवानी ने '360 डिग्री डेली ऑब्जर्वेशन एवं कंट्रोल' की अवधारणा को साझा किया। उन्होंने प्रतिभागियों को समझाया कि किसी भी सुरक्षा प्रणाली की सफलता तभी संभव है जब विभाग के शत-प्रतिशत कार्यक्षेत्र और प्रत्येक कर्मचारी की इसमें सक्रिय सहभागिता हो। श्री मोटवानी ने 'स्टैंडर्ड सस्टेनेंस ट्रैकर' के लॉजिक, इसकी कार्यप्रणाली और व्यावहारिक अनुप्रयोगों के बारे में विस्तृत जानकारी दी, जिससे कार्यस्थल पर होने वाली त्रुटियों को न्यूनतम किया जा सके।

इस संवाद कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के कुल 32 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और सुरक्षा मानकों को बनाए रखने के आधुनिक तरीकों पर चर्चा की। कार्यक्रम का सफल समन्वय सहायक महाप्रबंधक (सुरक्षा अभियांत्रिकी) श्री अजय टल्लू द्वारा किया गया। भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा आयोजित यह पहल औद्योगिक सुरक्षा प्रोटोकॉल को डिजिटल और व्यवस्थित रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।